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सहीह बुख़ारी

नंबर 6650

नंबर 6650किताब 83, नंबर 29
حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ يُوسُفَ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ حُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ حَلَفَ فَقَالَ فِي حَلِفِهِ بِاللاَّتِ وَالْعُزَّى‏.‏ فَلْيَقُلْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ‏.‏ وَمَنْ قَالَ لِصَاحِبِهِ تَعَالَ أُقَامِرْكَ‏.‏ فَلْيَتَصَدَّقْ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) said, "Whoever swears saying in his oath. 'By Al-Lat and Al-`Uzza,' should say, 'None has the right to be worshipped but Allah; and whoever says to his friend, 'Come, let me gamble with you,' should give something in charity

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 83 · Oaths and Vows

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।