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सहीह बुख़ारी

नंबर 6646

नंबर 6646किताब 83, नंबर 25
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَدْرَكَ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ وَهْوَ يَسِيرُ فِي رَكْبٍ يَحْلِفُ بِأَبِيهِ فَقَالَ ‏ "‏ أَلاَ إِنَّ اللَّهَ يَنْهَاكُمْ أَنْ تَحْلِفُوا بِآبَائِكُمْ، مَنْ كَانَ حَالِفًا فَلْيَحْلِفْ بِاللَّهِ، أَوْ لِيَصْمُتْ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Umar:Allah's Messenger (ﷺ) met `Umar bin Al-Khattab while the latter was going with a group of camel-riders, and he was swearing by his father. The Prophet (ﷺ) said, "Lo! Allah forbids you to swear by your fathers, so whoever has to take an oath, he should swear by Allah or keep quiet

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 83 · Oaths and Vows

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।