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सहीह बुख़ारी

नंबर 6644

नंबर 6644किताब 83, नंबर 23
حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ، أَخْبَرَنَا حَبَّانُ، حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ أَتِمُّوا الرُّكُوعَ وَالسُّجُودَ، فَوَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ إِنِّي لأَرَاكُمْ مِنْ بَعْدِ ظَهْرِي إِذَا مَا رَكَعْتُمْ وَإِذَا مَا سَجَدْتُمْ ‏"‏‏.‏
Narrated Anas bin Malik:I heard the Prophet (ﷺ) saying, "Perform the bowing and the prostration properly (with peace of mind), for, by Him in Whose Hand my soul is, I see you from behind my back when you bow and when you prostrate

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 83 · Oaths and Vows

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।