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सहीह बुख़ारी

नंबर 6637

नंबर 6637किताब 83, नंबर 16
حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى، أَخْبَرَنَا هِشَام ٌ ـ هُوَ ابْنُ يُوسُفَ ـ عَنْ مَعْمَرٍ، عَنْ هَمَّامٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ أَبُو الْقَاسِمِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ وَالَّذِي نَفْسُ مُحَمَّدٍ بِيَدِهِ لَوْ تَعْلَمُونَ مَا أَعْلَمُ لَبَكَيْتُمْ كَثِيرًا، وَلَضَحِكْتُمْ قَلِيلاً ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Abu-l-Qasim (the Prophet) said, "By Him in Whose Hand Muhammad's soul is, if you know that which I know, you would weep much and laugh little

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 83 · Oaths and Vows

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।