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सहीह बुख़ारी

नंबर 6608

नंबर 6608किताब 82, नंबर 14
حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُرَّةَ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ نَهَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَنِ النَّذْرِ قَالَ ‏ "‏ إِنَّهُ لاَ يَرُدُّ شَيْئًا، وَإِنَّمَا يُسْتَخْرَجُ بِهِ مِنَ الْبَخِيلِ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Umar:The Prophet (ﷺ) forbade vowing and said, "In fact, vowing does not prevent anything, but it makes a miser to spend his property

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 82 · Divine Will (Al-Qadar)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।