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सहीह बुख़ारी

नंबर 6449

नंबर 6449किताब 81, नंबर 38
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا سَلْمُ بْنُ زَرِيرٍ، حَدَّثَنَا أَبُو رَجَاءٍ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ ـ رضى الله عنهما ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ اطَّلَعْتُ فِي الْجَنَّةِ فَرَأَيْتُ أَكْثَرَ أَهْلِهَا الْفُقَرَاءَ، وَاطَّلَعْتُ فِي النَّارِ فَرَأَيْتُ أَكْثَرَ أَهْلِهَا النِّسَاءَ ‏"‏‏.‏ تَابَعَهُ أَيُّوبُ وَعَوْفٌ، وَقَالَ صَخْرٌ وَحَمَّادُ بْنُ نَجِيحٍ عَنْ أَبِي رَجَاءٍ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ‏.‏
Narrated `Imran bin Husain:The Prophet (ﷺ) said, "I looked into Paradise and found that the majority of its dwellers were the poor people, and I looked into the (Hell) Fire and found that the majority of its dwellers were women

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 81 · To make the Heart Tender (Ar-Riqaq)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।