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सहीह बुख़ारी

नंबर 6379

नंबर 6379किताब 80, नंबर 75
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، عَنْ أُمِّ سُلَيْمٍ، أَنَّهَا قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَنَسٌ خَادِمُكَ ادْعُ اللَّهَ لَهُ قَالَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ أَكْثِرْ مَالَهُ وَوَلَدَهُ، وَبَارِكْ لَهُ فِيمَا أَعْطَيْتَهُ ‏"‏‏.‏ وَعَنْ هِشَامِ بْنِ زَيْدٍ، سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، مِثْلَهُ
Narrated Um Sulaim:that she said, "O Allah's Messenger (ﷺ)! Anas is your servant, so please invoke for Allah's blessing for him." The Prophet (ﷺ) said, "O Allah! Increase his wealth and offspring and bless (for him) whatever You give him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 80 · Invocations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।