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सहीह बुख़ारी

नंबर 517

नंबर 517किताब 8, नंबर 164
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ زُرَارَةَ، قَالَ أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ، عَنِ الشَّيْبَانِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَدَّادِ بْنِ الْهَادِ، قَالَ أَخْبَرَتْنِي خَالَتِي، مَيْمُونَةُ بِنْتُ الْحَارِثِ قَالَتْ كَانَ فِرَاشِي حِيَالَ مُصَلَّى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَرُبَّمَا وَقَعَ ثَوْبُهُ عَلَىَّ وَأَنَا عَلَى فِرَاشِي‏.‏
Narrated Maimuna bint Al-Harith:My bed was beside the praying place (Musalla) of the Prophet (ﷺ) and sometimes his garment fell on me while I used to lie in my bed

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayers (Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।