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सहीह बुख़ारी

नंबर 499

नंबर 499किताब 8, नंबर 146
حَدَّثَنَا آدَمُ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَوْنُ بْنُ أَبِي جُحَيْفَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبِي قَالَ، خَرَجَ عَلَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِالْهَاجِرَةِ، فَأُتِيَ بِوَضُوءٍ فَتَوَضَّأَ فَصَلَّى بِنَا الظُّهْرَ وَالْعَصْرَ وَبَيْنَ يَدَيْهِ عَنَزَةٌ، وَالْمَرْأَةُ وَالْحِمَارُ يَمُرُّونَ مِنْ وَرَائِهَا‏.‏
Narrated `Aun bin Abi Juhaifa:that he had heard his father saying, "Allah's Messenger (ﷺ) came to us at midday and water was brought for his ablution. He performed ablution and led us in Zuhr and `Asr prayers with a short spear (or stick) planted in front of him (as a Sutra), while women and donkeys were passing beyond it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayers (Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।