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सहीह बुख़ारी

नंबर 386

नंबर 386किताब 8, नंबर 38
حَدَّثَنَا آدَمُ بْنُ أَبِي إِيَاسٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ أَخْبَرَنَا أَبُو مَسْلَمَةَ، سَعِيدُ بْنُ يَزِيدَ الأَزْدِيُّ قَالَ سَأَلْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ أَكَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يُصَلِّي فِي نَعْلَيْهِ قَالَ نَعَمْ‏.‏
Narrated Abu Maslama:Sa`id bin Yazid Al-Azdi: I asked Anas bin Malik whether the Prophet (ﷺ) had ever, prayed with his shoes on. He replied "Yes

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · Prayers (Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।