सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 6252

नंबर 6252किताब 79, नंबर 26
حَدَّثَنَا ابْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنِي سَعِيدٌ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ ثُمَّ ارْفَعْ حَتَّى تَطْمَئِنَّ جَالِسًا ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) said (in the above narration No. 268), "And then raise your head till you feel at ease while sitting

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 79 · Asking Permission

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।