حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ شُعْبَةَ، قَالَ حَدَّثَنِي قَتَادَةُ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كَانَ بِالْمَدِينَةِ فَزَعٌ فَرَكِبَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَرَسًا لأَبِي طَلْحَةَ فَقَالَ " مَا رَأَيْنَا مِنْ شَىْءٍ، وَإِنْ وَجَدْنَاهُ لَبَحْرًا ".
Narrated Anas bin Malik:There was a state of fear in Medina. Allah's Messenger (ﷺ) rode a horse belonging to Abu Talha (in order to see the matter). The Prophet (ﷺ) said, "We could not see anything, and we found that horse like a sea (fast in speed)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।