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सहीह बुख़ारी

नंबर 6206

नंबर 6206किताब 78, नंबर 230
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، رِوَايَةً قَالَ ‏ "‏ أَخْنَعُ اسْمٍ عِنْدَ اللَّهِ ـ وَقَالَ سُفْيَانُ غَيْرَ مَرَّةٍ أَخْنَعُ الأَسْمَاءِ عِنْدَ اللَّهِ ـ رَجُلٌ تَسَمَّى بِمَلِكِ الأَمْلاَكِ ‏"‏‏.‏ قَالَ سُفْيَانُ يَقُولُ غَيْرُهُ تَفْسِيرُهُ شَاهَانْ شَاهْ‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) said, "The most awful (meanest) name in Allah's sight." Sufyan said more than once, "The most awful (meanest) name in Allah's sight is (that of) a man calling himself king of kings." Sufyan said, "Somebody else (i.e. other than Abu Az-Zinad, a sub-narrator) says: What is meant by 'The king of kings' is 'Shahan Shah

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 78 · Good Manners and Form (Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।