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सहीह बुख़ारी

नंबर 6196

नंबर 6196किताब 78, नंबर 220
حَدَّثَنَا آدَمُ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ حُصَيْنِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الأَنْصَارِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ سَمُّوا بِاسْمِي، وَلاَ تَكْتَنُوا بِكُنْيَتِي، فَإِنَّمَا أَنَا قَاسِمٌ أَقْسِمُ بَيْنَكُمْ ‏"‏‏.‏ وَرَوَاهُ أَنَسٌ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah Al-Ansari:Allah's Messenger (ﷺ) said, "Name yourselves after me (by my name) but do not call (yourselves) by my Kuniya (1), for I am Al-Qasim (distributor), and I distribute among you Allah's blessings." This narration has also come on the authority of Anas that the ! Prophet said so

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 78 · Good Manners and Form (Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।