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सहीह बुख़ारी

नंबर 6194

नंबर 6194किताब 78, नंबर 218
حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، قُلْتُ لاِبْنِ أَبِي أَوْفَى رَأَيْتَ إِبْرَاهِيمَ ابْنَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ مَاتَ صَغِيرًا، وَلَوْ قُضِيَ أَنْ يَكُونَ بَعْدَ مُحَمَّدٍ صلى الله عليه وسلم نَبِيٌّ عَاشَ ابْنُهُ، وَلَكِنْ لاَ نَبِيَّ بَعْدَهُ‏.‏
Narrated Isma`il:I asked Abi `Aufa, "Did you see Ibrahim, the son of the Prophet (ﷺ) ?" He said, "Yes, but he died in his early childhood. Had there been a Prophet after Muhammad then his son would have lived, but there is no Prophet after him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 78 · Good Manners and Form (Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।