सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 6187

नंबर 6187किताब 78, नंबर 211
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ، حَدَّثَنَا حُصَيْنٌ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ جَابِرٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ وُلِدَ لِرَجُلٍ مِنَّا غُلاَمٌ فَسَمَّاهُ الْقَاسِمَ فَقَالُوا لاَ نَكْنِيهِ حَتَّى نَسْأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ سَمُّوا بِاسْمِي، وَلاَ تَكْتَنُوا بِكُنْيَتِي ‏"‏‏.‏
Narrated Jabi:A man among us begot a boy whom he named Al-Qasim. The people said, "We will not call him (i.e., the father) by that Kuniya (Abu-l-Qasim) till we ask the Prophet (ﷺ) about it. The Prophet (ﷺ) said. "Name yourselves by my name, but do not call (yourselves) by my Kuniya

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 78 · Good Manners and Form (Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।