حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ سُفْيَانَ، حَدَّثَنِي سَعْدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَدَّادٍ، عَنْ عَلِيٍّ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ مَا سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُفَدِّي أَحَدًا غَيْرَ سَعْدٍ، سَمِعْتُهُ يَقُولُ " ارْمِ فَدَاكَ أَبِي وَأُمِّي ". أَظُنُّهُ يَوْمَ أُحُدٍ.
Narrated `Ali:I never heard Allah's Messenger (ﷺ) saying, "Let my father and mother be sacrificed for you," except for Sa`d (bin Abi Waqqas). I heard him saying, "Throw! (arrows), Let my father and mother be sacrificed for you !" (The sub-narrator added, "I think that was in the battle of Uhud)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।