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सहीह बुख़ारी

नंबर 6145

नंबर 6145किताब 78, नंबर 171
حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ، أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو بَكْرِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّ مَرْوَانَ بْنَ الْحَكَمِ، أَخْبَرَهُ أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ الأَسْوَدِ بْنِ عَبْدِ يَغُوثَ أَخْبَرَهُ أَنَّ أُبَىَّ بْنَ كَعْبٍ أَخْبَرَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ مِنَ الشِّعْرِ حِكْمَةً ‏"‏‏.‏
Narrated Ubai bin Ka`b:Allah's Messenger (ﷺ) said, "Some poetry contains wisdom

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 78 · Good Manners and Form (Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।