حَدَّثَنَا آدَمُ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، حَدَّثَنَا أَبُو التَّيَّاحِ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ ـ رضى الله عنه ـ يَقُولُ إِنْ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم لَيُخَالِطُنَا حَتَّى يَقُولَ لأَخٍ لِي صَغِيرٍ " يَا أَبَا عُمَيْرٍ مَا فَعَلَ النُّغَيْرُ ".
Narrated Anas bin Malik:The Prophet (ﷺ) used to mix with us to the extent that he would say to a younger brother of mine, 'O Aba `Umair! What did the Nughair (a kind of bird) do?
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।