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सहीह बुख़ारी

नंबर 6119

नंबर 6119किताब 78, नंबर 146
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْجَعْدِ، أَخْبَرَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ مَوْلَى، أَنَسٍ ـ قَالَ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ اسْمُهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي عُتْبَةَ ـ سَمِعْتُ أَبَا سَعِيدٍ، يَقُولُ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَشَدَّ حَيَاءً مِنَ الْعَذْرَاءِ فِي خِدْرِهَا‏.‏
Narrated Abu Sa`id:The Prophet (ﷺ) was more shy (from Haya': pious shyness from committing religeous indiscretions) than a veiled virgin girl. (See Hadith No. 762, Vol)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 78 · Good Manners and Form (Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।