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सहीह बुख़ारी

नंबर 5984

नंबर 5984किताब 78, नंबर 15
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ عُقَيْلٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَنَّ مُحَمَّدَ بْنَ جُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ، قَالَ إِنَّ جُبَيْرَ بْنَ مُطْعِمٍ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ يَدْخُلُ الْجَنَّةَ قَاطِعٌ ‏"‏‏.‏
Narrated Jubair bin Mut`im:That he heard the Prophet (ﷺ) saying, "The person who severs the bond of kinship will not enter Paradise

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 78 · Good Manners and Form (Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।