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सहीह बुख़ारी

नंबर 5972

नंबर 5972किताब 78, नंबर 3
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ سُفْيَانَ، وَشُعْبَةَ، قَالاَ حَدَّثَنَا حَبِيبٌ، ح قَالَ وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، عَنْ حَبِيبٍ، عَنْ أَبِي الْعَبَّاسِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ قَالَ رَجُلٌ لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أُجَاهِدُ‏.‏ قَالَ ‏"‏ لَكَ أَبَوَانِ ‏"‏‏.‏ قَالَ نَعَمْ‏.‏ قَالَ ‏"‏ فَفِيهِمَا فَجَاهِدْ ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah bin `Amr:A man said to the Prophet, "Shall I participate in Jihad?" The Prophet (ﷺ) said, "Are your parents living?" The man said, "Yes." the Prophet (ﷺ) said, "Do Jihad for their benefit

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 78 · Good Manners and Form (Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।