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सहीह बुख़ारी

नंबर 5969

नंबर 5969किताब 77, नंबर 185
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ شِهَابٍ، عَنْ عَبَّادِ بْنِ تَمِيمٍ، عَنْ عَمِّهِ، أَنَّهُ أَبْصَرَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَضْطَجِعُ فِي الْمَسْجِدِ، رَافِعًا إِحْدَى رِجْلَيْهِ عَلَى الأُخْرَى‏.‏
Narrated `Abbad bin Tamim's uncle:I saw the Prophet (ﷺ) lying-down in the mosque and placing one leg on the other

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 77 · Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।