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सहीह बुख़ारी

नंबर 5964

नंबर 5964किताब 77, नंबर 180
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا أَبُو صَفْوَانَ، عَنْ يُونُسَ بْنِ يَزِيدَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَكِبَ عَلَى حِمَارٍ، عَلَى إِكَافٍ عَلَيْهِ قَطِيفَةٌ فَدَكِيَّةٌ، وَأَرْدَفَ أُسَامَةَ وَرَاءَهُ‏.‏
Narrated Usama bin Zaid:Allah's Messenger (ﷺ) rode a donkey saddled with a saddle covered with a Fadakiyya velvet sheet, and he made me ride behind him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 77 · Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।