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सहीह बुख़ारी

नंबर 5930

नंबर 5930किताब 77, नंबर 145
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ الْهَيْثَمِ، أَوْ مُحَمَّدٌ عَنْهُ عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي عُمَرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُرْوَةَ، سَمِعَ عُرْوَةَ، وَالْقَاسِمَ، يُخْبِرَانِ عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ طَيَّبْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِيَدَىَّ بِذَرِيرَةٍ فِي حَجَّةِ الْوَدَاعِ، لِلْحِلِّ وَالإِحْرَامِ‏.‏
Narrated `Aisha:During Hajjat-al-Wada`, I perfumed Allah's Messenger (ﷺ) with Dharira with my own hands, both on his assuming Ihram and on finishing it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 77 · Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।