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सहीह बुख़ारी

नंबर 5918

नंबर 5918किताब 77, नंबर 133
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ رَجَاءٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنِ الأَسْوَدِ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ قَالَتْ كَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَى وَبِيصِ الطِّيبِ فِي مَفَارِقِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَهْوَ مُحْرِمٌ‏.‏ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ فِي مَفْرِقِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated `Aisha:As if I am now looking at the shine of the hair parting of the Prophet (ﷺ) while he was in the state of Ihram

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 77 · Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।