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सहीह बुख़ारी

नंबर 5870

नंबर 5870किताब 77, नंबर 87
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، أَخْبَرَنَا مُعْتَمِرٌ، قَالَ سَمِعْتُ حُمَيْدًا، يُحَدِّثُ عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ خَاتَمُهُ مِنْ فِضَّةٍ وَكَانَ فَصُّهُ مِنْهُ‏.‏ وَقَالَ يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ حَدَّثَنِي حُمَيْدٌ سَمِعَ أَنَسًا عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Anas:The ring of the Prophet (ﷺ) was of silver, and its stone was of silver too

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 77 · Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।