حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ حُمَيْدِ بْنِ هِلاَلٍ، عَنْ أَبِي بُرْدَةَ، قَالَ أَخْرَجَتْ إِلَيْنَا عَائِشَةُ كِسَاءً وَإِزَارًا غَلِيظًا فَقَالَتْ قُبِضَ رُوحُ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي هَذَيْنِ.
Narrated Abu Burda:Aisha brought out to us a Kisa and an Izar and said, "The Prophet (ﷺ) died while wearing these two." (Kisa, a square black piece of woolen cloth. Izar, a sheet cloth garment covering the lower half of the body)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।