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सहीह बुख़ारी

नंबर 5771

नंबर 5771किताब 76, नंबर 85
وَعَنْ أَبِي سَلَمَةَ، سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، بَعْدُ يَقُولُ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يُورِدَنَّ مُمْرِضٌ عَلَى مُصِحٍّ ‏"‏‏.‏ وَأَنْكَرَ أَبُو هُرَيْرَةَ حَدِيثَ الأَوَّلِ قُلْنَا أَلَمْ تُحَدِّثْ أَنَّهُ لاَ عَدْوَى فَرَطَنَ بِالْحَبَشِيَّةِ‏.‏ قَالَ أَبُو سَلَمَةَ فَمَا رَأَيْتُهُ نَسِيَ حَدِيثًا غَيْرَهُ‏.‏
Narrated Abu Huraira: Allah's Messenger (ﷺ) said: The cattle (sheep, cows, camels, etc.) suffering from a disease should not be mixed up with healthy cattle, (or said: "Do not put a patient with a healthy person ). " (as a precaution)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 76 · Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।