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सहीह बुख़ारी

नंबर 5768

नंबर 5768किताब 76, नंबर 82
حَدَّثَنَا عَلِيٌّ، حَدَّثَنَا مَرْوَانُ، أَخْبَرَنَا هَاشِمٌ، أَخْبَرَنَا عَامِرُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ أَبِيهِ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ مَنِ اصْطَبَحَ كُلَّ يَوْمٍ تَمَرَاتٍ عَجْوَةً، لَمْ يَضُرُّهُ سَمٌّ وَلاَ سِحْرٌ ذَلِكَ الْيَوْمَ إِلَى اللَّيْلِ ‏"‏‏.‏ وَقَالَ غَيْرُهُ ‏"‏ سَبْعَ تَمَرَاتٍ ‏"‏‏.‏
Narrated Saud:The Prophet (ﷺ) said, "If somebody takes some `Ajwa dates every morning, he will not be affected by poison or magic on that day till night." (Another narrator said seven dates)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 76 · Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।