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सहीह बुख़ारी

नंबर 5741

नंबर 5741किताब 76, नंबर 56
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ الشَّيْبَانِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الأَسْوَدِ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَ عَنِ الرُّقْيَةِ، مِنَ الْحُمَةِ فَقَالَتْ رَخَّصَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم الرُّقْيَةَ مِنْ كُلِّ ذِي حُمَةٍ‏.‏
Narrated Al-Aswad:I asked `Aisha about treating poisonous stings (a snake-bite or a scorpion sting) with a Ruqya. She said, "The Prophet (ﷺ) allowed the treatment of poisonous sting with Ruqya

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 76 · Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।