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सहीह बुख़ारी

नंबर 5708

नंबर 5708किताब 76, नंबर 28
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ، سَمِعْتُ عَمْرَو بْنَ حُرَيْثٍ، قَالَ سَمِعْتُ سَعِيدَ بْنَ زَيْدٍ، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ الْكَمْأَةُ مِنَ الْمَنِّ، وَمَاؤُهَا شِفَاءٌ لِلْعَيْنِ ‏"‏‏.‏ قَالَ شُعْبَةُ وَأَخْبَرَنِي الْحَكَمُ بْنُ عُتَيْبَةَ عَنِ الْحَسَنِ الْعُرَنِيِّ عَنْ عَمْرِو بْنِ حُرَيْثٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ زَيْدٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏ قَالَ شُعْبَةُ لَمَّا حَدَّثَنِي بِهِ الْحَكَمُ لَمْ أُنْكِرْهُ مِنْ حَدِيثِ عَبْدِ الْمَلِكِ‏.‏
Narrated Sa`id bin Zaid:I heard the Prophet (ﷺ) saying, "Truffles are like Manna (i.e. they grow naturally without man's care) and their water heals eye diseases

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 76 · Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।