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सहीह बुख़ारी

नंबर 5704

नंबर 5704किताब 76, नंबर 24
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، هِشَامُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ سُلَيْمَانَ بْنِ الْغَسِيلِ، حَدَّثَنَا عَاصِمُ بْنُ عُمَرَ بْنِ قَتَادَةَ، قَالَ سَمِعْتُ جَابِرًا، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنْ كَانَ فِي شَىْءٍ مِنْ أَدْوِيَتِكُمْ شِفَاءٌ فَفِي شَرْطَةِ مِحْجَمٍ أَوْ لَذْعَةٍ بِنَارٍ، وَمَا أُحِبُّ أَنْ أَكْتَوِيَ ‏"‏‏.‏
Narrated Jabir:The Prophet (ﷺ) said, "If there is any healing in your medicines then it is a cupping operation, or branding (cauterization), but I do not like to be (cauterized) branded

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 76 · Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।