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सहीह बुख़ारी

नंबर 5697

नंबर 5697किताब 76, नंबर 19
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ تَلِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنِي ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَمْرٌو، وَغَيْرُهُ، أَنَّ بُكَيْرًا، حَدَّثَهُ أَنَّ عَاصِمَ بْنَ عُمَرَ بْنِ قَتَادَةَ حَدَّثَهُ أَنَّ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنهما ـ عَادَ الْمُقَنَّعَ ثُمَّ قَالَ لاَ أَبْرَحُ حَتَّى تَحْتَجِمَ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّ فِيهِ شِفَاءً ‏"‏‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah:that he paid Al-Muqanna a visit during his illness and said, "I will not leave till he gets cupped, for I heard Allah's Messenger (ﷺ) saying, "There is healing in cupping

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 76 · Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।