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सहीह बुख़ारी

नंबर 5681

नंबर 5681किताब 76, नंबर 4
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ، أَخْبَرَنَا سُرَيْجُ بْنُ يُونُسَ أَبُو الْحَارِثِ، حَدَّثَنَا مَرْوَانُ بْنُ شُجَاعٍ، عَنْ سَالِمٍ الأَفْطَسِ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الشِّفَاءُ فِي ثَلاَثَةٍ شَرْطَةِ مِحْجَمٍ، أَوْ شَرْبَةِ عَسَلٍ، أَوْ كَيَّةٍ بِنَارٍ، وَأَنْهَى أُمَّتِي عَنِ الْكَىِّ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) said, "Healing is in three things: cupping, a gulp of honey or cauterization, (branding with fire) but I forbid my followers to use cauterization (branding with fire)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 76 · Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।