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सहीह बुख़ारी

नंबर 5615

नंबर 5615किताब 74, नंबर 41
حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، حَدَّثَنَا مِسْعَرٌ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ مَيْسَرَةَ، عَنِ النَّزَّالِ، قَالَ أَتَى عَلِيٌّ ـ رضى الله عنه ـ عَلَى باب الرَّحَبَةِ، فَشَرِبَ قَائِمًا فَقَالَ إِنَّ نَاسًا يَكْرَهُ أَحَدُهُمْ أَنْ يَشْرَبَ وَهْوَ قَائِمٌ، وَإِنِّي رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَعَلَ كَمَا رَأَيْتُمُونِي فَعَلْتُ‏.‏
Narrated An-Nazzal:Ali came to the gate of the courtyard (of the Mosque) and drank (water) while he was standing and said, "Some people dislike to drink while standing, but I saw the Prophet (ﷺ) doing (drinking water) as you have seen me doing now

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 74 · Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।