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सहीह बुख़ारी

नंबर 5592

नंबर 5592किताब 74, नंबर 18
حَدَّثَنَا يُوسُفُ بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ أَبُو أَحْمَدَ الزُّبَيْرِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ جَابِرٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الظُّرُوفِ فَقَالَتِ الأَنْصَارُ إِنَّهُ لاَ بُدَّ لَنَا مِنْهَا‏.‏ قَالَ ‏ "‏ فَلاَ إِذًا ‏"‏‏.‏ وَقَالَ خَلِيفَةُ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ عَنْ جَابِرٍ بِهَذَا حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بِهَذَا وَقَالَ فِيهِ لَمَّا نَهَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْأَوْعِيَةِ
Narrated Jabir:Allah's Messenger (ﷺ) forbade the use of (certain) containers, but the Ansar said, "We cannot dispense with them." The Prophet (ﷺ) then said, "If so, then use them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 74 · Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।