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सहीह बुख़ारी

नंबर 5574

नंबर 5574किताब 73, नंबर 30
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ، أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ، عَنِ ابْنِ أَخِي ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عَمِّهِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ كُلُوا مِنَ الأَضَاحِيِّ ثَلاَثًا ‏"‏‏.‏ وَكَانَ عَبْدُ اللَّهِ يَأْكُلُ بِالزَّيْتِ حِينَ يَنْفِرُ مِنْ مِنًى، مِنْ أَجْلِ لُحُومِ الْهَدْىِ‏.‏
Narrated Salim:`Abdullah bin `Umar said, "Allah's Messenger (ﷺ) said, "Eat of the meat of sacrifices (of `Id al Adha) for three days." When `Abdullah departed from Mina, he used to eat (bread with) oil, lest he should eat of the meat of Hadi (which is regarded as unlawful after the three days of the `Id)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 73 · Al-Adha Festival Sacrifice (Adaahi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।