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सहीह बुख़ारी

नंबर 5567

नंबर 5567किताब 73, नंबर 23
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ عَمْرٌو أَخْبَرَنِي عَطَاءٌ، سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ كُنَّا نَتَزَوَّدُ لُحُومَ الأَضَاحِيِّ عَلَى عَهْدِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم إِلَى الْمَدِينَةِ، وَقَالَ غَيْرَ مَرَّةٍ لُحُومَ الْهَدْىِ‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah:During the lifetime of the Prophet (ﷺ) we used to take with us the meat of the sacrifices (of Id al Adha) to Medina. (The narrator often said. The meat of the Hadi)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 73 · Al-Adha Festival Sacrifice (Adaahi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।