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सहीह बुख़ारी

नंबर 5555

नंबर 5555किताब 73, नंबर 11
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ يَزِيدَ، عَنْ أَبِي الْخَيْرِ، عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ ـ رضى الله عنه أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَعْطَاهُ غَنَمًا يَقْسِمُهَا عَلَى صَحَابَتِهِ ضَحَايَا، فَبَقِيَ عَتُودٌ فَذَكَرَهُ لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ ضَحِّ أَنْتَ بِهِ ‏"‏‏.‏
Narrated `Uqba bin 'Amir:that the Prophet (ﷺ) gave him some sheep to distribute among his companions to slaughter as sacrifices (`Id--al--Adha). A kid goat was left and he told the Prophet (ﷺ) of that whereupon he said to him, "Slaughter it as a sacrifice (on your behalf)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 73 · Al-Adha Festival Sacrifice (Adaahi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।