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सहीह बुख़ारी

नंबर 5535

नंबर 5535किताब 72, नंबर 60
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ هِشَامِ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ أَنْفَجْنَا أَرْنَبًا وَنَحْنُ بِمَرِّ الظَّهْرَانِ، فَسَعَى الْقَوْمُ فَلَغَبُوا، فَأَخَذْتُهَا فَجِئْتُ بِهَا إِلَى أَبِي طَلْحَةَ فَذَبَحَهَا، فَبَعَثَ بِوَرِكَيْهَا ـ أَوْ قَالَ بِفَخِذَيْهَا ـ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَقَبِلَهَا‏.‏
Narrated Anas bin Malik:Once we provoked a rabbit at Marr-az-Zahran. The people chased it till they got tired. Then I caught It and brought it to Abu Talha, who slaughtered it and then sent both its pelvic pieces (or legs) to the Prophet, and the Prophet (ﷺ) accepted the present

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 72 · Hunting, Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।