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सहीह बुख़ारी

नंबर 5458

नंबर 5458किताब 70, नंबर 87
حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ ثَوْرٍ، عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ، عَنْ أَبِي أُمَامَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا رَفَعَ مَائِدَتَهُ قَالَ ‏ "‏ الْحَمْدُ لِلَّهِ كَثِيرًا طَيِّبًا مُبَارَكًا فِيهِ، غَيْرَ مَكْفِيٍّ، وَلاَ مُوَدَّعٍ وَلاَ مُسْتَغْنًى عَنْهُ، رَبَّنَا ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Umama:Whenever the dining sheet of the Prophet (ﷺ) was taken away (i.e., whenever he finished his meal), he used to say: "Al-hamdu li l-lah kathiran taiyiban mubarakan fihi ghaira makfiy wala muWada` wala mustaghna'anhu Rabbuna

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 70 · Food, Meals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।