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सहीह बुख़ारी

नंबर 5452

नंबर 5452किताब 70, नंबर 81
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا أَبُو صَفْوَانَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، أَخْبَرَنَا يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ حَدَّثَنِي عَطَاءٌ، أَنَّ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنهما ـ زَعَمَ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ أَكَلَ ثُومًا أَوْ بَصَلاً فَلْيَعْتَزِلْنَا، أَوْ لِيَعْتَزِلْ مَسْجِدَنَا ‏"‏‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah:The Prophet (ﷺ) said, "Whoever has eaten garlic or onion should keep away from us (or should keep away from our mosque)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 70 · Food, Meals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।