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सहीह बुख़ारी

नंबर 5424

नंबर 5424किताब 70, नंबर 52
حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ كُنَّا نَتَزَوَّدُ لُحُومَ الْهَدْىِ عَلَى عَهْدِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم إِلَى الْمَدِينَةِ‏.‏ تَابَعَهُ مُحَمَّدٌ عَنِ ابْنِ عُيَيْنَةَ‏.‏ وَقَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ قُلْتُ لِعَطَاءٍ أَقَالَ حَتَّى جِئْنَا الْمَدِينَةَ قَالَ لاَ‏.‏
Narrated Jabir:We used to carry the meat of the Hadis (sacrificed animals) to Medina during the life-time of the Prophet

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 70 · Food, Meals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।