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सहीह बुख़ारी

नंबर 5377

नंबर 5377किताब 70, नंबर 5
حَدَّثَنِي عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ حَلْحَلَةَ الدِّيلِيِّ، عَنْ وَهْبِ بْنِ كَيْسَانَ أَبِي نُعَيْمٍ، عَنْ عُمَرَ بْنِ أَبِي سَلَمَةَ ـ وَهْوَ ابْنُ أُمِّ سَلَمَةَ ـ زَوْجِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ أَكَلْتُ يَوْمًا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم طَعَامًا فَجَعَلْتُ آكُلُ مِنْ نَوَاحِي الصَّحْفَةِ فَقَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ كُلْ مِمَّا يَلِيكَ ‏"‏‏.‏
Narrated `Umar bin Al Salama:Who was the son of Um Salama, the wife of the Prophet: Once I ate a meal with Allah's Messenger (ﷺ) and I was eating from all sides of the dish. So Allah's Messenger (ﷺ) said to me, "Eat of the dish what is nearer to you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 70 · Food, Meals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।