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सहीह बुख़ारी

नंबर 343

नंबर 343किताब 7, नंबर 10
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ ذَرٍّ، عَنِ ابْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبْزَى، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ عَمَّارٌ فَضَرَبَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِيَدِهِ الأَرْضَ، فَمَسَحَ وَجْهَهُ وَكَفَّيْهِ‏.‏
Narrated `Ammar:The Prophet (ﷺ) stroked the earth with his hands and then passed them over his face and the backs of his hands (while demonstrating Tayammum)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Rubbing hands and feet with dust (Tayammum)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।