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सहीह बुख़ारी

नंबर 341

नंबर 341किताब 7, नंबर 8
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ ذَرٍّ، عَنِ ابْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبْزَى، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ قَالَ عَمَّارٌ لِعُمَرَ تَمَعَّكْتُ فَأَتَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ يَكْفِيكَ الْوَجْهُ وَالْكَفَّانِ ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdur Rahman bin Abza:`Ammar said to `Umar "I rolled myself in the dust and came to the Prophet (ﷺ) who said, 'Passing dusted hands over the face and the backs of the hands is sufficient for you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Rubbing hands and feet with dust (Tayammum)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।