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सहीह बुख़ारी

नंबर 5266

नंबर 5266किताब 68, नंबर 16
حَدَّثَنِي الْحَسَنُ بْنُ صَبَّاحٍ، سَمِعَ الرَّبِيعَ بْنَ نَافِعٍ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ يَعْلَى بْنِ حَكِيمٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ ابْنَ عَبَّاسٍ، يَقُولُ إِذَا حَرَّمَ امْرَأَتَهُ لَيْسَ بِشَىْءٍ‏.‏ وَقَالَ ‏{‏لَقَدْ كَانَ لَكُمْ فِي رَسُولِ اللَّهِ أُسْوَةٌ حَسَنَةٌ‏}‏
Narrated Sa`id bin Jubair:that he heard Ibn `Abbas saying, "If a man makes his wife unlawful for him, it does not mean that she is divorced." He added, "Indeed in the Messenger of Allah , you have a good example to follow

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 68 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।