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सहीह बुख़ारी

नंबर 5256

नंबर 5256किताब 68, नंबर 6
وَقَالَ الْحُسَيْنُ بْنُ الْوَلِيدِ النَّيْسَابُورِيُّ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عَبَّاسِ بْنِ سَهْلٍ، عَنْ أَبِيهِ، وَأَبِي، أُسَيْدٍ قَالاَ تَزَوَّجَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أُمَيْمَةَ بِنْتَ شَرَاحِيلَ، فَلَمَّا أُدْخِلَتْ عَلَيْهِ بَسَطَ يَدَهُ إِلَيْهَا فَكَأَنَّهَا كَرِهَتْ ذَلِكَ فَأَمَرَ أَبَا أُسَيْدٍ أَنْ يُجَهِّزَهَا وَيَكْسُوَهَا ثَوْبَيْنِ رَازِقِيَّيْنِ‏.‏
Narrated Sahl and Abu Usaid:The Prophet (ﷺ) married Umaima bint Sharahil, and when she was brought to him, he stretched his hand towards her. It seemed that she disliked that, whereupon the Prophet (ﷺ) ordered Abu Usaid to prepare her and to provide her with two white linen dresses

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 68 · Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।