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सहीह बुख़ारी

नंबर 5243

नंबर 5243किताब 67, नंबर 176
حَدَّثَنَا آدَمُ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، حَدَّثَنَا مُحَارِبُ بْنُ دِثَارٍ، قَالَ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يَكْرَهُ أَنْ يَأْتِيَ الرَّجُلُ أَهْلَهُ طُرُوقًا‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah:The Prophet (ﷺ) disliked that one should go to one's family at night (on returning from a journey)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 67 · Wedlock, Marriage (Nikaah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।